Friday, May 23, 2008

... क्या पता ...


अपनी आवाज़ के लिए...

हमे इतना मत तरसाना... की

तुम्हे अपने फ़ैसला पर ...

अफ़सोस हो जाए ...

क्या पता कल तुम बात करने की

कोशिश करो...और हम ...

हमेशा के लिए कमोश हो जाए..


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