Monday, October 06, 2008

दोस्ती


किसी मुसाफिर पे कभी एतबार मत करना...

दोस्ती की हदों को कभी पार मत करना...

खो दोगे उसे हमेशा के लिए॥

इसलिए जो अच्चा लगे उस से कभी प्यार मत करना..

1 comments:

samir said...

nice shayri.....

also chech my blog....

http://bestsheroshayri.blogspot.com/